आगरा में मिलावटी खोआ (मावा) के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा छापा, भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री जब्त, सैंपल लैब भेजे
आगरा। ताजनगरी में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग की एक विशेष टीम ने आगरा के मुख्य थोक मावा बाजार और नामी मिठाई प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान टीम ने भारी मात्रा में मिलावटी खोआ (मावा), सिंथेटिक पनीर और दूषित मिठाइयों को जब्त किया है। गर्मियों के मौसम में बढ़ती मांग और बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है।
सिंथेटिक दूध और डिटर्जेंट से मावा बनाने की आशंका
खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी ने बताया कि उन्हें खुफिया सूचना मिली थी कि आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से आगरा शहर में सिंथेटिक दूध, यूरिया और डिटर्जेंट का उपयोग कर बनाया गया नकली खोआ खपाया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर विभाग की टीमों ने सुबह-सुबह मंडी में दबिश दी। छापेमारी के दौरान दुर्गंधयुक्त और दूषित दिख रहे करीब 500 किलोग्राम खोआ को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया और संदिग्ध रूप से रखे गए मावे के 10 से अधिक सैंपल लिए गए हैं।
सैंपल्स को जांच के लिए राजकीय लैब भेजा गया
जब्त किए गए सभी नमूनों को सील कर लखनऊ स्थित राजकीय खाद्य प्रयोगशाला (Government Food Lab) भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद मिलावटखोरों और दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम (FSSA) के तहत कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। मिलावटी खोआ बनाने वाली भट्ठियों को भी चिन्हित कर सील करने की तैयारी की जा रही है।
उपभोक्ताओं के लिए एडवाइजरी जारी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे अत्यधिक चमकीली और अप्राकृतिक रूप से सफेद दिखने वाली मिठाइयों और खोए को खरीदने से बचें। शुद्ध खोआ छूने पर हाथों में चिकनाई छोड़ता है और उसमें से दूध जैसी स्वाभाविक महक आती है। विभाग ने दुकानदारों को भी चेतावनी दी है कि वे केवल पंजीकृत सप्लायर्स से ही खोआ खरीदें और उसकी शुद्धता का प्रमाणपत्र अपने पास रखें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।