मैनपुरी जिलाधिकारी का कलेक्ट्रेट और विकास भवन का औचक निरीक्षण: काम में लापरवाही पर 3 कर्मचारियों को नोटिस, समयबद्धता के निर्देश
मैनपुरी। जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने और सरकारी विभागों में जनसमस्याओं के समयबद्ध निस्तारण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी (DM) ने कलेक्ट्रेट और विकास भवन का औचक निरीक्षण किया। सुबह ठीक 10:00 बजे जिलाधिकारी अचानक विकास भवन पहुंचे, जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान कई विभागों में कर्मचारी अपनी सीटों से नदारद मिले, वहीं फाइलों का रख-रखाव भी अव्यवस्थित पाया गया। जिलाधिकारी ने इस घोर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए अनुपस्थित पाए गए तीन मुख्य लिपिकों (क्लर्कों) को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
समयबद्धता और अनुशासन ही शासन की पहली प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सबसे पहले समाज कल्याण विभाग, विकास विभाग और पंचायती राज कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां रखे उपस्थिति पंजिका (अटेंडेंस रजिस्टर) की गहनता से जांच की। कई वरिष्ठ अधिकारी भी अपने निर्धारित समय से देरी से कार्यालय पहुंचे थे, जिन्हें डीएम ने कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि शासन की मंशा के अनुसार समयबद्धता और अनुशासन के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। सभी कर्मचारियों को सुबह 9:30 बजे तक अपनी सीटों पर उपस्थित होकर आम जनता की समस्याओं को सुनना होगा। यदि भविष्य में कोई भी कर्मचारी बिना पूर्व सूचना के कार्यालय से नदारद पाया गया, तो उसका एक दिन का वेतन काटने के साथ-साथ सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी।
लंबित फाइलों और जन सुनवाई में देरी पर नाराजगी
विकास भवन के विभिन्न पटल पर रखी फाइलों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने पाया कि जन कल्याणकारी योजनाओं, जैसे वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और आवास योजना से जुड़े कई आवेदन पत्र महीनों से लंबित पड़े थे। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने पटल प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी फाइल को तीन कार्य दिवसों से अधिक समय तक पटल पर न रोका जाए। जनता से जुड़े मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने स्वयं कुछ फरियादियों से बात की, जो अपनी पेंशन की समस्या को लेकर कलेक्ट्रेट आए हुए थे, और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निस्तारण के आदेश दिए।
कार्यालयों में स्वच्छता और फाइलों के डिजिटलाइजेशन पर जोर
कलेक्ट्रेट परिसर के रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने वहां फैली गंदगी और बेतरतीब ढंग से रखी पुरानी फाइलों पर गहरी अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कलेक्ट्रेट प्रभारी को निर्देश दिया कि कार्यालयों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। धूल खाई फाइलों को व्यवस्थित किया जाए और पुरानी अनुपयोगी फाइलों को नियमानुसार नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने विकास भवन में ई-ऑफिस प्रणाली को पूरी तरह लागू करने और सभी महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सुरक्षित करने के निर्देश दिए ताकि फाइलों को ढूंढने में समय बर्बाद न हो और काम में पारदर्शिता आए।
जनता के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की हिदायत
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब और असहाय फरियादी बड़ी उम्मीदों के साथ जिला मुख्यालय आते हैं। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए। किसी भी फरियादी को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। उन्होंने आईजीआरएस (IGRS) और मुख्यमंत्री पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए विशेष सेल को सक्रिय करने का आदेश दिया। इस औचक निरीक्षण से पूरे प्रशासनिक अमले में खलबली मची हुई है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कार्यालयों की कार्यप्रणाली में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।