फिरोजाबाद में भड़का कांच व चूड़ी श्रमिकों का आक्रोश: मानदेय भुगतान के नियमों में संशोधन की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर गरजे मजदूर
फिरोजाबाद। सुहाग नगरी के नाम से दुनिया भर में मशहूर फिरोजाबाद के मुख्य आधार स्तंभ यानी कांच और चूड़ी उद्योग के हजारों श्रमिकों ने अपने मानदेय भुगतान और कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर मोर्चा खोल दिया है। भारतीय मजदूर संघ (BMS) के नेतृत्व में सैकड़ों श्रमिकों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। श्रमिकों की मांग है कि सरकार द्वारा हाल ही में जारी किए गए न्यूनतम मानदेय भुगतान के आदेशों में विसंगतियों को दूर कर संशोधित आदेश जारी किया जाए।
मानदेय भुगतान के सरकारी नियमों में संशोधन की मांग
प्रदर्शनकारी मजदूर नेताओं का कहना है कि कांच कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों का जीवन बेहद कठिन और जोखिम भरा होता है। इसके बावजूद उन्हें तय सरकारी नियमों के अनुसार वेतन और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही है। हाल ही में जारी वेतन पुनरीक्षण आदेश में कई श्रेणियों के कुशल कारीगरों के मानदेय को कम करके आंका गया है, जिससे उनके दैनिक आय में गिरावट आ रही है। मजदूर संघ ने मांग की है कि कारखानों में न्यूनतम मजदूरी की दरों को फिर से संशोधित किया जाए और दैनिक भत्ते को महंगाई सूचकांक से जोड़ा जाए।
कार्यस्थल पर सुरक्षा और ईएसआई (ESI) लाभ की मांग
ज्ञापन में श्रमिकों ने कांच भट्टियों के पास काम करने वाले मजदूरों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। मजदूरों की मांग है कि सभी कांच कारखानों में नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएं, जहरीली गैसों से सुरक्षा के उपकरण उपलब्ध कराए जाएं और सभी मजदूरों का कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) और भविष्य निधि (PF) खाता अनिवार्य रूप से खोला जाए। कई कारखानों में ईएसआई के नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिस पर श्रम विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन
श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए नगर मजिस्ट्रेट और श्रम विभाग के सहायक आयुक्त ने कलेक्ट्रेट के बाहर आकर प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मजदूर प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि कारखानों में नियमों के अनुपालन की जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाएगा और वेतन विसंगतियों के संबंध में श्रम विभाग के उच्च अधिकारियों को संस्तुति भेजी जाएगी। मजदूर संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिससे कांच उद्योग ठप हो सकता है।