ब्रज रज उत्सव 2026: मथुरा में सांस्कृतिक धरोहर और लोक कलाओं का भव्य समागम, तैयारियों में जुटा प्रशासन
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के विजन और ब्रज क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए आयोजित होने वाला वार्षिक ‘ब्रज रज उत्सव 2026’ इस वर्ष और भी भव्य रूप में आयोजित होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग, संस्कृति विभाग और उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित होने वाले इस महोत्सव की तैयारियां मथुरा में जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। बहु-दिवसीय इस सांस्कृतिक महोत्सव का मुख्य उद्देश्य ब्रज की प्राचीन लोक कलाओं, संगीत, नृत्य, साहित्य और व्यंजनों को देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करना है। इस उत्सव के माध्यम से ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक नया मंच मिलेगा।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और ब्रज तीर्थ विकास परिषद की संयुक्त पहल
ब्रज रज उत्सव न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय पटल पर भी अपनी पहचान बना चुका है। जिला प्रशासन ने इस उत्सव के लिए मथुरा के रेलवे ग्राउंड और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को चिन्हित किया है, जहां विशाल मंच और प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष का उत्सव पिछले सभी आयोजनों से बड़ा होगा। इसमें ब्रज के पौराणिक इतिहास और भगवान कृष्ण की लीलाओं पर आधारित विभिन्न नाटकों, भजनों और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि इस उत्सव के जरिए ब्रज के दूर-दराज के गांवों में रहने वाले गुमनाम कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले।
लठ्ठमार होली और चरकुला नृत्य का होगा जीवंत प्रदर्शन
महोत्सव के मुख्य आकर्षणों में ब्रज का प्रसिद्ध ‘चरकुला नृत्य’, ‘मयूर नृत्य’ और बरसाना व नंदगांव की प्रसिद्ध ‘लठ्ठमार होली’ का जीवंत प्रदर्शन शामिल होगा। इसके अलावा, रासलीला के मंचन के लिए देश के प्रसिद्ध रासलीला समूहों को आमंत्रित किया जा रहा है। चरकुला नृत्य में महिलाएं सिर पर जलते हुए दीपकों के बड़े पिंजरे (चरकुला) रखकर अद्भुत संतुलन के साथ नृत्य करती हैं, जिसे देखना दर्शकों के लिए एक विहंगम अनुभव होता है। इसके साथ ही, ब्रज के लोकगीत जैसे रसिया, होली गीत और सावन के झूला गीतों की प्रस्तुतियां भी इस उत्सव में समां बांधेंगी।
देश-विदेश से आने वाले कलाकारों और पर्यटकों के लिए विशेष व्यवस्था
महोत्सव में भाग लेने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी सांस्कृतिक दलों को आमंत्रित किया जा रहा है। पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए जिला प्रशासन विशेष इंतजाम कर रहा है। यातायात पुलिस द्वारा शहर में सुगम यातायात बनाए रखने के लिए विशेष रूट डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा। पर्यटकों के ठहरने के लिए होटलों, धर्मशालाओं और गेस्ट हाउसों के संचालकों के साथ बैठक कर उचित दरों पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विदेशी सैलानियों के लिए बहुभाषी गाइड भी उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे ब्रज की संस्कृति को आसानी से समझ सकें।
स्थानीय हस्तशिल्प और ब्रज के व्यंजनों को मिलेगा बड़ा मंच
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ इस उत्सव में एक विशाल ‘क्राफ्ट मेला’ और ‘फूड कोर्ट’ भी स्थापित किया जाएगा। क्राफ्ट मेले में ब्रज के स्थानीय कारीगरों द्वारा निर्मित पीतल की मूर्तियां, भगवान के सुंदर वस्त्र (पोशाक), कंठी माला, मिट्टी के सुंदर बर्तन और हाथ से बने अन्य सजावटी सामानों की बिक्री की जाएगी। इससे स्थानीय कुटीर उद्योगों और शिल्पकारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। फूड कोर्ट में ब्रज के पारंपरिक व्यंजन जैसे मथुरा के पेड़े, कचौड़ी-सब्जी, बेढ़ई, रबड़ी, लस्सी और माखन-मिश्री के स्टॉल लगाए जाएंगे, जो आने वाले पर्यटकों को ब्रज के अनूठे स्वाद से रूबरू कराएंगे।
सुरक्षा, यातायात और बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
उत्सव के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जाएगी और सादे कपड़ों में भी पुलिस बल की तैनाती होगी। दमकल विभाग, स्वास्थ्य विभाग और आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई और पेयजल की उचित व्यवस्था के लिए नगर निगम को विशेष रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है।
निष्कर्ष
ब्रज रज उत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह ब्रज की आत्मा और भगवान कृष्ण के प्रति प्रेम व श्रद्धा की अभिव्यक्ति है। यह महोत्सव स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों व संस्कृति से जोड़ने का एक अत्यंत सराहनीय प्रयास है। उम्मीद है कि ‘ब्रज रज उत्सव 2026’ सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा और ब्रज की संस्कृति की चमक पूरी दुनिया में बिखेरेगा।