दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क होगा मजबूत: प्रदूषण मुक्त राजधानी के लिए नई नीति लागू
दिल्ली सरकार का प्रदूषण के खिलाफ बड़ा कदम
देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक गंभीर और दीर्घकालिक समस्या रही है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने की अपनी नीति के तहत चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क को दोगुना करने का महा-प्लान शुरू किया है। परिवहन विभाग के अनुसार, अगले कुछ महीनों में दिल्ली के सभी प्रमुख मेट्रो स्टेशनों, सार्वजनिक पार्किंग क्षेत्रों, सरकारी कार्यालयों और रिहायशी कॉलोनियों में नए रैपिड ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य दिल्ली के नागरिकों के मन से चार्जिंग खत्म होने के डर (Range Anxiety) को पूरी तरह समाप्त करना है।
आधुनिक तकनीक और बैटरी स्वैपिंग सुविधाएं
नए चार्जिंग स्टेशनों पर अत्याधुनिक फास्ट-चार्जिंग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे दोपहिया और तिपहिया वाहन मात्र 20 से 30 मिनट में पूरी तरह चार्ज हो सकेंगे। इसके साथ ही, दोपहिया और तिपहिया व्यावसायिक वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग (बैटरी बदलने) स्टेशनों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। इससे ई-रिक्शा और डिलीवरी बॉयज को चार्जिंग के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे कुछ ही सेकंड में अपनी डिस्चार्ज बैटरी को चार्ज बैटरी से बदल सकेंगे। सरकार चार्जिंग दरों को भी सस्ता और पारदर्शी रख रही है ताकि लोग पेट्रोल-डीजल छोड़कर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं।
प्रदूषण मुक्त और हरित दिल्ली का सपना
दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति का असर अब सड़कों पर दिखने लगा है। इलेक्ट्रिक बसों, कारों और दुपहिया वाहनों के पंजीकरण में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों का मानना है कि चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होने से सड़कों पर प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों की संख्या में तेजी से गिरावट आएगी। इससे दिल्ली की हवा की गुणवत्ता (AQI) में सुधार होगा और भावी पीढ़ी को एक स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण मिल सकेगा। दिल्ली का यह मॉडल देश के अन्य महानगरों के लिए भी दिशा-दर्शक साबित हो रहा है।