समन पक्षी विहार में विदेशी प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू: मैनपुरी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं घोषित
समन पक्षी विहार में प्राकृतिक चहचहाहट
मैनपुरी जिले का ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर ‘समन पक्षी विहार’ एक बार फिर विदेशी मेहमानों के आगमन से गूंज उठा है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही साइबेरिया, मंगोलिया और मध्य एशिया के ठंडे प्रदेशों से हजारों किलोमीटर की दूरी तय करके रंग-बिरंगे प्रवासी पक्षी यहां पहुंचने लगे हैं। पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष आर्द्रभूमि (wetland) में पानी की बेहतर उपलब्धता और अनुकूल वातावरण के कारण सामान्य से अधिक पक्षी आ रहे हैं। इनमें पेंटेड स्टॉर्क, साइबेरियन क्रेन और विभिन्न प्रजातियों की बत्तखें शामिल हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से पक्षी प्रेमी और पर्यटक मैनपुरी आ रहे हैं।
पर्यटकों के लिए बुनियादी ढांचे का विकास
वन विभाग और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने समन पक्षी विहार को एक प्रमुख ईको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित करने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है। पर्यटकों के लिए वॉच टावरों की संख्या बढ़ाई जा रही है ताकि वे दूरबीन के माध्यम से पक्षियों को बिना बाधा पहुंचाए देख सकें। पक्षी विहार के आस-पास सुंदर पैदल पथ (नेचर ट्रेल), पर्यटकों के ठहरने के लिए गेस्ट हाउस और एक व्याख्या केंद्र (Interpretation Centre) का निर्माण भी किया जा रहा है। इन विकास कार्यों से यहां आने वाले पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी और वे प्रकृति के करीब समय बिता सकेंगे।
पर्यावरण और स्थानीय भागीदारी
प्रशासन ने पक्षी विहार के आस-पास के गांवों के लोगों को पर्यावरण मित्र के रूप में प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है। वे न केवल पर्यटकों का मार्गदर्शन करेंगे, बल्कि पक्षियों के शिकार और अवैध गतिविधियों पर भी रोक लगाने में वन विभाग की मदद करेंगे। पक्षी विहार क्षेत्र को पूरी तरह से ‘प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र’ घोषित कर दिया गया है। समन पक्षी विहार के विकास से मैनपुरी को पर्यटन के नक्शे पर एक नई और विशिष्ट पहचान मिलेगी, जिससे स्थानीय व्यापार को भी लाभ होगा।