टूंडला-शिकोहाबाद रूट पर मेमू ट्रेन चलाने की मांग तेज: दैनिक यात्रियों और कांच व्यापारियों ने रेलवे प्रशासन को भेजा मांग पत्र, डीआरएम ने दिया आश्वासन
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के टूंडला और शिकोहाबाद रेलवे स्टेशनों के बीच एक नई मेमू (MEMU) लोकल ट्रेन चलाने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। इस मार्ग पर दैनिक रूप से यात्रा करने वाले हजारों नौकरीपेशा लोगों, कॉलेज के छात्रों, और मुख्य रूप से कांच व चूड़ी उद्योग से जुड़े व्यापारियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में लोकल ट्रेनों की कमी के कारण लोगों को महंगे सड़क परिवहन या एक्सप्रेस ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं। इसी समस्या को देखते हुए स्थानीय व्यापार मंडल और यात्री संघों ने रेल मंत्रालय और मंडल रेल प्रबंधक (DRM) को एक विस्तृत मांग पत्र भेजा है, जिस पर रेल प्रशासन ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
नौकरीपेशा, छात्रों और व्यापारियों की दैनिक यात्रा की बड़ी समस्या
टूंडला और शिकोहाबाद के बीच की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है, और इस पूरे मार्ग पर फिरोजाबाद मुख्य स्टेशन सहित कई छोटे स्टेशन और हॉल्ट आते हैं। इस बेल्ट में कांच के छोटे-बड़े कारखाने फैले हुए हैं जहाँ काम करने वाले हजारों मजदूर और कारीगर रोजाना फिरोजाबाद और शिकोहाबाद आते-जाते हैं। इसके अतिरिक्त टूंडला और आगरा के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्र भी इसी रूट पर सफर करते हैं। लोकल ट्रेनों की अनुपलब्धता के कारण इन लोगों को सुबह और शाम के समय यात्रा करने के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है। एक्सप्रेस ट्रेनों में भारी भीड़ होती है और वे हर छोटे स्टेशन पर नहीं रुकती हैं, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों को बहुत असुविधा होती है।
व्यापार मंडल और यात्री संघों ने रेलवे को सौंपा ज्ञापन
स्थानीय व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों और दैनिक यात्री कल्याण समिति के सदस्यों ने संयुक्त रूप से टूंडला स्टेशन पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि सुबह 8 से 10 बजे के बीच और शाम को 5 से 7 बजे के बीच टूंडला से शिकोहाबाद और शिकोहाबाद से टूंडला के लिए कम से कम दो जोड़ी मेमू ट्रेनें चलाई जाएं। व्यापारियों का कहना है कि कांच उद्योग के कच्चे माल और तैयार उत्पादों के छोटे व्यापारियों को अक्सर दोनों शहरों के बीच छोटी यात्राएं करनी पड़ती हैं, और ट्रेन न होने से वे सड़क मार्ग का उपयोग करते हैं जो काफी खर्चीला और समय लेने वाला होता है।
टूंडला, शिकोहाबाद और फिरोजाबाद स्टेशनों के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी
प्रस्तावित मेमू ट्रेन सेवा शुरू होने से न केवल टूंडला और शिकोहाबाद बल्कि बीच में पड़ने वाले फिरोजाबाद, मक्खनपुर, और हिरनगांव जैसे स्टेशनों के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। इन क्षेत्रों के लोगों को जिला मुख्यालय फिरोजाबाद आने-जाने के लिए एक सस्ता और सुरक्षित विकल्प मिल जाएगा। वर्तमान में चल रही कुछ एक्सप्रेस ट्रेनें इन छोटे स्टेशनों पर नहीं रुकती हैं जिससे इन क्षेत्रों के विकास में भी बाधा आ रही है। लोकल ट्रेन शुरू होने से ग्रामीण इलाकों के लोगों की पहुंच बेहतर होगी जिससे वे रोजगार और शिक्षा के लिए आसानी से बड़े शहरों तक आ सकेंगे।
उत्तर मध्य रेलवे के डीआरएम का सकारात्मक रुख
मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ने यात्री संघ के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है कि रेल प्रशासन इस रूट की आवश्यकता और यात्रियों की संख्या के महत्व को समझता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार करने के निर्देश परिचालन विभाग को दे दिए गए हैं। जैसे ही रिपोर्ट तैयार होगी, इसे रेलवे बोर्ड को नई ट्रेन की समय सारिणी और रैक की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। डीआरएम ने यह भी संकेत दिया कि वर्तमान में चल रही किसी अन्य पैसेंजर ट्रेन के रूट को विस्तारित करने या फेरे बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है ताकि यात्रियों को तत्काल राहत मिल सके।
रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
स्थानीय कांच कारोबारियों का मानना है कि यदि इस रूट पर मेमू ट्रेन का संचालन शुरू होता है, तो इससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। आगरा, फिरोजाबाद और शिकोहाबाद के बाजारों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा जिससे छोटे दुकानदारों और फेरीवालों को अपना माल लाने-ले जाने में आसानी होगी। इससे न केवल रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा मिलेगी। जनता को उम्मीद है कि रेल मंत्रालय जल्द ही इस जायज मांग को स्वीकार कर सुहाग नगरी के लोगों को बड़ी सौगात देगा।