फिरोजाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एनकाउंटर के बाद अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार, चोरी की 10 बाइक और अवैध हथियार बरामद
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की पुलिस ने अपराधियों और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक मुठभेड़ के बाद एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। इस दौरान पुलिस ने गिरोह के चार शातिर सदस्यों को धर दबोचा। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है जिसे इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से चोरी की गई 10 मोटरसाइकिलें, दो तमंचे, कारतूस और गाड़ियों के लॉक तोड़ने वाले मास्टर चाबियों का सेट बरामद किया है।
शिकोहाबाद मार्ग पर चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़
यह मुठभेड़ फिरोजाबाद के थाना शिकोहाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रंधीरपुर नहर पटरी के पास हुई। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने बताया कि पुलिस टीम और एसओजी (SOG) की टीम संयुक्त रूप से संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। तभी दो बाइकों पर सवार चार संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो वे बाइक घुमाकर भागने लगे। पुलिस टीम ने जब उनका पीछा किया, तो बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी और वह गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर चारों बदमाशों को काबू कर लिया।
दिल्ली-एनसीआर से चोरी कर ग्रामीण इलाकों में बेचते थे बाइक
精度の高い警備で知られるपुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा और अलीगढ़ जैसे बड़े शहरों के व्यस्त बाजारों, मॉल और अस्पतालों के पार्किंग एरिया से मोटरसाइकिलें चोरी करते थे। चोरी करने के लिए वे खास तौर पर तैयार की गई मास्टर चाबियों का इस्तेमाल करते थे जिससे महज कुछ ही सेकंड में गाड़ी का लॉक खुल जाता था। इसके बाद वे चोरी की गई गाड़ियों को फिरोजाबाद, मैनपुरी, और एटा के ग्रामीण इलाकों में सस्ते दामों पर बेच देते थे। वे सीधे साधे किसानों को फर्जी कागजात बनाकर या बिना कागजात के ही यह कहकर गाड़ियां बेचते थे कि ये बैंक से खींची गई गाड़ियां हैं।
बदमाशों के कब्जे से चोरी के वाहन और असलहे बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक सुनसान पड़े खंडहर से छिपाकर रखी गई 10 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इनमें से कई गाड़ियों के नंबर प्लेट बदले जा चुके थे और कुछ के इंजन नंबर मिटाने का प्रयास किया गया था। पुलिस ने बदमाशों के पास से 315 बोर के दो देसी तमंचे, चार जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद किए हैं। इसके अलावा पुलिस को उनके पास से भारी मात्रा में फर्जी आरसी (RC) और वाहनों के फर्जी नंबर प्लेट बनाने के उपकरण भी मिले हैं। गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान रोहित, सत्यपाल, राहुल और मोनू के रूप में हुई है, जिन पर पहले से ही विभिन्न जिलों में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस टीम की मुस्तैदी और एसएसपी का बड़ा बयान
फिरोजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने इस शानदार सफलता के लिए पुलिस टीम और स्वाट टीम की पीठ थपथपाई है। एसएसपी ने बताया कि यह गिरोह पिछले कई महीनों से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। इस गिरोह के पकड़े जाने से जिले में वाहन चोरी की वारदातों में भारी कमी आने की उम्मीद है। एसएसपी ने पुलिस टीम को प्रोत्साहित करने के लिए 15,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस का यह जीरो टॉलरेंस अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्षेत्र में पुलिस की गश्त तेज
इस बड़ी मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रशासन ने जिले भर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है। ग्रामीण और शहरी इलाकों के सभी बॉर्डर चेक पोस्टों पर चेकिंग तेज कर दी गई है। विशेष रूप से रात के समय गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध वाहनों की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपनी गाड़ियों को हमेशा अधिकृत पार्किंग में ही खड़ी करें और डबल लॉक का इस्तेमाल करें। साथ ही यदि कोई व्यक्ति बहुत कम कीमत पर बिना कागजात के गाड़ी बेचने का प्रयास करे, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दें।