Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
skhnews.net skhnews.net skhnews.net
skhnews.net skhnews.net skhnews.net
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
आगरा

आगरा के पारंपरिक चमड़ा उद्योग को ओडीओपी (ODOP) योजना से मिला वैश्विक मंच, निर्यात में ऐतिहासिक वृद्धि

By Prashant Vashistha
June 29, 2026 3 Min Read
0

आगरा। उत्तर प्रदेश की ताजनगरी आगरा न केवल अपने ऐतिहासिक स्मारकों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह अपने समृद्ध पारंपरिक उद्योगों के लिए भी दुनिया भर में एक विशेष स्थान रखती है। आगरा का चमड़ा (Leather) और बेजोड़ हस्तशिल्प (Handicraft) उद्योग यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी माना जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (One District One Product – ODOP) के तहत आगरा के इस हस्तशिल्प और चमड़ा उद्योग को एक नई दिशा और वैश्विक मंच मिला है। इस योजना के माध्यम से स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को अत्याधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और वैश्विक बाजार तक पहुंच प्रदान की जा रही है, जिससे निर्यात क्षेत्र में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है।

आगरा के जूता उद्योग का वैश्विक प्रभुत्व और योगदान

आगरा भारत का सबसे बड़ा जूता उत्पादक हब है, जो देश के घरेलू फुटवियर बाजार का लगभग 65% और कुल चमड़ा निर्यात का 30% से अधिक हिस्सा संभालता है। आगरा के जूतों की फिनिशिंग, गुणवत्ता और डिजाइनिंग की मांग यूरोपीय देशों, अमेरिका और मध्य पूर्व के बाजारों में बहुत अधिक है। यहां लगभग 5,000 से अधिक छोटी-बड़ी इकाइयां संचालित हैं, जिनसे लगभग 3 से 4 लाख परिवारों की आजीविका सीधे जुड़ी हुई है। ओडीओपी योजना ने इस पारंपरिक फुटवियर क्लस्टर को आधुनिक अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने में मदद की है, जिससे यह वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से टिका हुआ है।

आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और कौशल विकास

पारंपरिक रूप से काम करने वाले कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए ओडीओपी के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (FDDI) और सेंट्रल लेदर रिसर्च इंस्टीट्यूट (CLRI) के सहयोग से आगरा में विशेष डिजाइन सेंटर और परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। इन केंद्रों पर स्थानीय युवाओं को कंप्यूटर एडेड डिजाइनिंग (CAD/CAM), लेजर कटिंग मशीनों और आधुनिक सिलाई उपकरणों का उपयोग करना सिखाया जा रहा है। इससे उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और वेस्टेज में कमी आई है, जिससे निर्माताओं के मुनाफे में वृद्धि हुई है।

हस्तशिल्प और संगमरमर पर पेचकारी (Inlay Work) कला का पुनरुद्धार

चमड़े के अलावा, आगरा की एक और बेजोड़ पहचान यहां की संगमरमर पर की जाने वाली पेचकारी या नक्काशी कला (Pietra Dura/Inlay Work) है। ताजमहल की दीवारों पर की गई बारीक नक्काशी की तरह ही स्थानीय कारीगर संगमरमर के प्लेट, टेबल टॉप और सजावटी सामानों पर रंगीन पत्थरों को तराश कर सजाते हैं। इस कला को सहेजने के लिए ओडीओपी योजना के तहत विशेष ‘हस्तशिल्पी हाट’ (Artisans Haat) और डिजिटल प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं। सरकार इन कारीगरों को सीधे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और कारीगरों को उनके श्रम का उचित मूल्य मिल रहा है।

वित्तीय सहायता, आसान ऋण और सरकारी सब्सिडी

छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती पूंजी की कमी थी। ओडीओपी योजना के अंतर्गत विभिन्न बैंक ऋण योजनाओं और सरकारी सब्सिडी (Mudra Yojana & Startup India) के माध्यम से उद्यमियों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार नई फैक्ट्रियों को स्थापित करने और पुरानी इकाइयों के आधुनिकीकरण के लिए वित्तीय मदद दे रही है। इसके अतिरिक्त, आगरा में एक अत्याधुनिक ‘लेदर पार्क’ की स्थापना की योजना पर भी काम चल रहा है, जहां एक ही छत के नीचे चमड़ा शोधन, उत्पादन और अपशिष्ट निपटान की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग का बढ़ता प्रभाव

बदलते समय के साथ व्यापार के तौर-तरीके भी बदल रहे हैं। ओडीओपी योजना के तहत आगरा के उद्यमियों को प्रमुख ई-कॉमर्स वेबसाइटों (जैसे अमेज़न, फ्लिपकार्ट और सरकारी GeM पोर्टल) पर अपने उत्पादों को सूचीबद्ध करने के लिए विशेष सहायता प्रदान की जा रही है। इससे देश के सुदूर इलाकों में बैठे ग्राहक भी आगरा के हस्तशिल्प और जूतों को सीधे ऑनलाइन खरीद पा रहे हैं। इस डिजिटल पहुंच ने स्थानीय व्यापार को एक नई गति दी है और मंदी के दौर में भी व्यापार को स्थिरता प्रदान की है।

निष्कर्ष और भविष्य की संभावनाएं

आगरा का चमड़ा और हस्तशिल्प उद्योग केवल आर्थिक प्रगति का जरिया नहीं है, बल्कि यह यहां की सांस्कृतिक धरोहर और पीढ़ियों की विरासत का भी हिस्सा है। ओडीओपी योजना के अंतर्गत मिल रहे सरकारी प्रोत्साहन से न केवल निर्यात में वृद्धि हो रही है, बल्कि लाखों कारीगरों का जीवन स्तर भी बेहतर हो रहा है। पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन करते हुए इस उद्योग का यह आधुनिकीकरण आगरा को एक नए वैश्विक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

Author

Prashant Vashistha

Follow Me
Other Articles
Previous

ताजमहल के संरक्षण और यमुना नदी की अविरलता के लिए केंद्र व राज्य सरकार की संयुक्त महायोजना

Next

आगरा में बुनियादी ढांचे का कायाकल्प: बाईपास सड़कों का चौड़ीकरण और स्मार्ट पार्किंग सुविधाओं का विस्तार

Recent Posts

  • Cyberpunk 2 Crack Fix Portable Game
  • The Fix 2026 Dolby Vision x265 Full Movie torrent
  • Vegas Pro 2025 Crack + Portable (x86x64) no Virus MediaFire
  • Tad and The Magic Lamp 2026 Full4K .FullMov𝗂e Multi-Subs TGX High Speed T𝐨𝐫𝐫ent
  • The Dog Stars 2026 1080p FullMovie Updated Audio Torrent

Recent Comments

No comments to show.

Archives

  • August 2026
  • July 2026
  • June 2026

Categories

  • Activators
  • Agents
  • Dlc
  • Forms
  • Gog
  • GPTQ
  • HuggingFace
  • Lync
  • Movies
  • Nullers
  • Patchers
  • Pirates
  • Resetters
  • Uncategorized
  • आगरा
  • इटावा
  • एमपी
  • टेक्नोलॉजी
  • दिल्ली
  • फिरोजाबाद
  • मथुरा
  • मैनपुरी
  • यूके
  • यूपी
  • राजस्थान
  • लखनऊ
Copyright © 2026 skhnews.net. All rights reserved. | Owner: Prashant Vashistha (Firozabad) | Mob: +91-9259041013