मैनपुरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार, लाखों रुपये और फर्जी सिम कार्ड बरामद
मैनपुरी। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां तकनीक ने लोगों का जीवन आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधी भी मासूम नागरिकों को अपना शिकार बनाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। इस गंभीर खतरे से निपटने के लिए मैनपुरी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश भर के विभिन्न राज्यों के भोले-भाले लोगों को लॉटरी, बिजली बिल अपडेट करने, और ऑनलाइन लोन देने के नाम पर ठगता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 लाख रुपये नकद, 12 मोबाइल फोन, 24 से अधिक फर्जी सिम कार्ड और विभिन्न बैंकों की पासबुक व एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
फर्जी बैंक अधिकारी बनकर करते थे कॉल
पुलिस अधीक्षक (SP) ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी सबसे पहले इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से लोगों के मोबाइल नंबर और बुनियादी जानकारियां जुटाते थे। इसके बाद वे खुद को किसी नामचीन बैंक का कस्टमर केयर अधिकारी या बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते थे। वे ग्राहकों को डराते थे कि यदि उन्होंने तुरंत केवाईसी (KYC) अपडेट नहीं किया, तो उनका बैंक खाता या बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। जैसे ही पीड़ित घबराहट में आकर उनके झांसे में फंसता, आरोपी उनके मोबाइल पर एक ओटीपी (OTP) या संदिग्ध लिंक भेजकर कुछ ही सेकंड में उनका पूरा बैंक खाता खाली कर देते थे।
देशव्यापी नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े तार
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे केवल मैनपुरी तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि उनका नेटवर्क देश के कई बड़े राज्यों जैसे राजस्थान, Haryana, बिहार और दिल्ली तक फैला हुआ था। आरोपी ठगी से प्राप्त पैसे को तुरंत विभिन्न फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे और फिर एटीएम के माध्यम से निकाल लेते थे। पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह के तार कुछ अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप और विदेशी साइबर अपराधियों से भी जुड़े हो सकते हैं। साइबर सेल की टीम आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) की गहन जांच कर रही है ताकि इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।
आम जनता के लिए पुलिस की महत्वपूर्ण साइबर एडवाइजरी
इस बड़े खुलासे के बाद पुलिस अधीक्षक ने मैनपुरी की जनता से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की विशेष अपील की है। पुलिस ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कोई भी बैंक या सरकारी विभाग कभी भी फोन पर ग्राहकों से उनका गोपनीय पिन (PIN), पासवर्ड, यूपीआई आईडी (UPI ID) या ओटीपी (OTP) नहीं मांगता है। यदि किसी भी नागरिक को इस तरह के संदिग्ध कॉल या मैसेज आते हैं, तो वे तुरंत इसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ पर दर्ज कराएं। इसके अलावा, बिना सोचे-समझे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल में कोई रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करें।
पुलिस टीम को नकद पुरस्कार की घोषणा
इस सराहनीय और बड़ी सफलता के लिए पुलिस महानिरीक्षक (IG) रेंज ने मैनपुरी पुलिस और साइबर सेल टीम की पीठ थपथपाई है। पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य से खुश होकर उन्हें 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट (IT Act) और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सहयोगियों और फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले स्थानीय डीलरों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।