आगरा मेट्रो कॉरिडोर-2 (कैंट से कालिंदी विहार) निर्माण में आई तेजी: यूपी कैबिनेट से भूमि हस्तांतरण को मिली मंजूरी, जून 2027 का लक्ष्य
आगरा। आगरा मेट्रो परियोजना के दूसरे प्रमुख कॉरिडोर—आगरा कैंट से कालिंदी विहार (Blue Line)—के निर्माण कार्यों में एक बड़ा प्रशासनिक गतिरोध दूर हो गया है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने हाल ही में हुई बैठक में इस रूट के लिए आवश्यक सरकारी और वन भूमि के हस्तांतरण के प्रस्ताव को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और तय समय सीमा जून 2027 तक इस पूरे कॉरिडोर को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक 15 किलोमीटर का रूट
मेट्रो कॉरिडोर-2 की कुल लंबाई लगभग 15 किलोमीटर होगी, जिसके अंतर्गत आगरा कैंट, सदर बाजार, कलेक्ट्रेट, सुभाष पार्क, संजय प्लेस, आवास विकास कॉलोनी और हाथरस रोड होते हुए कालिंदी विहार तक मेट्रो लाइन बिछाई जाएगी। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब आगरा कैंट और संजय प्लेस के पास सिविल कंस्ट्रक्शन का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। इस रूट के बनने से रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले पर्यटकों को सीधे शहर के व्यावसायिक क्षेत्रों और होटल हब तक जाने का सीधा साधन मिल सकेगा।
वन भूमि और रेलवे विभागों से समन्वय
यूपीएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि इस रूट के कुछ हिस्सों में वन विभाग की भूमि और रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की बाधाएं आ रही थीं। कैबिनेट के विशेष हस्तक्षेप के बाद इन जमीनों का म्यूटेशन और हस्तांतरण शुल्क का भुगतान कर दिया गया है। कालिंदी विहार डिपो के लिए भी भूमि का समतलीकरण कार्य शुरू हो गया है। परियोजना को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए निर्माण के दौरान धूल नियंत्रण प्रणाली का भी उपयोग किया जा रहा है।
संजय प्लेस में बनेगा बड़ा भूमिगत स्टेशन
आगरा के सबसे बड़े व्यावसायिक केंद्र संजय प्लेस में एक बड़ा भूमिगत (Underground) मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा। यह स्टेशन अंडरग्राउंड और एलिवेटेड दोनों कॉरिडोर के लिए इंटरचेंज का काम करेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद यहाँ पिलर और खुदाई का बुनियादी काम शुरू हो गया है। मेट्रो के इस महत्वाकांक्षी रूट के तैयार होने के बाद आगरा का सार्वजनिक परिवहन ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा और प्रदूषण में भारी कमी आएगी।