आगरा मेट्रो के भूमिगत स्टेशनों का परीक्षण अंतिम चरण में: ताजमहल और किला जाने वाले पर्यटकों को मिलेगी बड़ी सुविधा
ताज नगरी आगरा में मेट्रो सेवा का विस्तार
विश्व प्रसिद्ध ताजमहल की नगरी आगरा में सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्रांति होने जा रही है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) द्वारा आगरा मेट्रो के दूसरे चरण के तहत भूमिगत स्टेशनों पर ट्रेनों का ट्रायल रन और तकनीकी परीक्षण अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक और ताजमहल के समीप भूमिगत स्टेशनों के बीच चल रहे इस सुरक्षा ऑडिट से यह साफ हो गया है कि पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को बहुत जल्द ही अत्याधुनिक मेट्रो यात्रा का लाभ मिलने लगेगा। रेल मंत्रालय और मेट्रो सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की टीम बहुत जल्द अंतिम निरीक्षण के लिए आगरा आने वाली है।
पर्यटकों के लिए वरदान साबित होगी मेट्रो
ताजमहल, आगरा किला और सिकंदरा जैसे वैश्विक धरोहरों को देखने के लिए हर साल लाखों देसी-विदेशी पर्यटक आगरा आते हैं। व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक और प्रदूषण के कारण पर्यटकों को एक स्थान से दूसरे स्थान जाने में काफी असुविधा होती थी। मेट्रो के शुरू होने से पर्यटक सीधे रेलवे स्टेशनों से ऐतिहासिक स्थलों तक बिना किसी बाधा के बहुत कम समय में पहुंच सकेंगे। मेट्रो स्टेशनों को विशेष रूप से आगरा की ऐतिहासिक मुगल वास्तुकला की थीम पर सजाया गया है, जो पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगा। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा क्योंकि पर्यटन क्षेत्रों में डीजल और पेट्रोल वाहनों की संख्या में भारी कमी आएगी।
अत्याधुनिक सुरक्षा और सुविधाएं
आगरा मेट्रो के भूमिगत स्टेशनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक स्टेशन पर स्वचालित प्लेटफार्म स्क्रीन डोर (PSD), उन्नत अग्निशमन प्रणालियां और सीसीटीवी कैमरों का एक बड़ा नेटवर्क स्थापित किया गया है। स्टेशनों के भीतर दिव्यांगजनों के लिए रैंप, लिफ्ट और विशेष स्पर्श पथ बनाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह मेट्रो देश की सबसे आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल मेट्रो प्रणालियों में से एक है। आगरा वासियों को जाम से मुक्ति मिलने के साथ-साथ शहर में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।