इटावा लायन सफारी में पर्यटकों के लिए नई सुविधाएं: लायन शो और नाइट सफारी को जल्द मिलेगी मंजूरी, पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना
इटावा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक और इटावा की शान माने जाने वाले ‘इटावा लायन सफारी’ (Lion Safari Etawah) को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में वन विभाग और पर्यटन मंत्रालय ने कमर कांस ली है। सफारी में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने, उन्हें बेहतर रोमांचक अनुभव प्रदान करने और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कई नई सुविधाओं की शुरुआत की जा रही है। हाल ही में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) की तकनीकी टीम ने सफारी का दौरा कर कई नई परियोजनाओं की समीक्षा की है, जिनमें लायन शो, ओपन-बस सफारी का विस्तार और बहुप्रतीक्षित नाइट सफारी प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन योजनाओं के लागू होने से न केवल पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
पर्यटकों के लिए शुरू होगी नई वातानुकूलित ओपन-बस सफारी
सफारी प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में पर्यटकों को घुमाने के लिए उपयोग की जाने वाली बसों की संख्या सीमित है, जिसके कारण सप्ताहांत और त्योहारों के दौरान पर्यटकों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए सफारी में चार नई वातानुकूलित और चारों तरफ से मजबूत कांच से सुरक्षित की गई ‘ओपन-व्यू’ बसें शामिल की जा रही हैं। इन बसों में बैठकर पर्यटक शेरों, तेंदुओं, भालू और हिरणों को बेहद करीब से और सुरक्षित तरीके से प्राकृतिक वातावरण में घूमते हुए देख सकेंगे। इसके साथ ही, पर्यटकों को वन्यजीवों के बारे में सटीक और रोचक जानकारी देने के लिए प्रशिक्षित गाइड भी तैनात किए जाएंगे जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में जानकारी प्रदान करेंगे।
लायन शो और 4डी थियेटर का आधुनिकीकरण
सफारी परिसर में स्थित विज़िटर सेंटर को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए वहाँ बने 4D थियेटर को अपग्रेड किया जा रहा है। इस थियेटर में पर्यटकों को वन्यजीवों और विशेषकर गिर के एशियाई शेरों के इतिहास, उनके व्यवहार और संरक्षण के प्रयासों पर आधारित एक विशेष लघु फिल्म दिखाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, सफारी प्रशासन एक ‘लायन शो’ शुरू करने की योजना पर भी काम कर रहा है, जिसमें शेरों को उनके प्राकृतिक बाड़ों में भोजन खोजते और खेलते हुए देखने के लिए विशेष व्यूइंग पॉइंट (Viewing Points) विकसित किए जा रहे हैं। इन व्यूइंग पॉइंट्स पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम होंगे और इन्हें बुलेटप्रूफ शीशों से कवर किया जाएगा ताकि पर्यटक बिना किसी भय के शेरों की गतिविधियों को कैमरे में कैद कर सकें।
नाइट सफारी परियोजना को हरी झंडी मिलने की उम्मीद
इटावा लायन सफारी को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए काफी समय से ‘नाइट सफारी’ शुरू करने का प्रस्ताव लंबित था। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) को एक संशोधित प्रस्ताव भेजा गया है। नाइट सफारी के तहत पर्यटकों को रात के समय जंगल के माहौल का अनुभव कराने के लिए विशेष मंद रोशनी (Dim Lighting) वाले रास्तों से होकर ले जाया जाएगा, जिससे वन्यजीवों की दिनचर्या भी प्रभावित न हो और पर्यटक रात में सक्रिय होने वाले जीवों को देख सकें। सीजेए की टीम ने हालिया दौरे में इस योजना की व्यवहार्यता पर संतोष व्यक्त किया है और उम्मीद है कि आगामी मानसून सत्र के बाद इसकी औपचारिक मंजूरी मिल जाएगी।
वन्यजीवों के लिए चिकित्सा सुविधाओं का सुदृढीकरण
सफारी में शेरों और उनके शावकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य वन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। अतीत में कुछ शावकों की बीमारी के कारण हुई मृत्यु से सबक लेते हुए सफारी के भीतर बने वन्यजीव अस्पताल को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जा रहा है। अस्पताल में एक नया वेंटिलेटर, पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन और एक आधुनिक पैथोलॉजी लैब स्थापित की गई है। इसके साथ ही, वन्यजीव विशेषज्ञों और वेटरनरी डॉक्टरों की एक स्थायी टीम चौबीसों घंटे तैनात रहेगी। शेरों के खान-पान और उनके बाड़ों के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए स्वचालित कूलिंग सिस्टम भी लगाए गए हैं ताकि गर्मी के मौसम में उन्हें कोई परेशानी न हो।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
इटावा लायन सफारी के निदेशक ने बताया कि इन नई सुविधाओं के शुरू होने से न केवल घरेलू पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि विदेशी पर्यटकों का भी ध्यान इस ओर आकर्षित होगा। सफारी के पास स्थित होटल, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प उद्योग को इससे सीधा लाभ पहुंचेगा। स्थानीय युवाओं को गाइड, टिकट काउंटर संचालक, कैंटीन स्टाफ और सुरक्षा गार्ड के रूप में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। सफारी परिसर के बाहर पर्यटकों के लिए एक विशाल फूड कोर्ट और स्मृति चिन्ह (Souvenir Shop) की दुकानें भी खोली जा रही हैं, जहाँ इटावा और उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध पारंपरिक उत्पादों की बिक्री की जाएगी।